विधानसभा अध्यक्ष महंत भी दे चुके हैं संयुक्त राष्ट्रसंघ में भाषण..तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिया था मौका..न्यूयार्क असेंबली को किया था संबोधित..अब बदल गई है परिपाटी

विधानसभा अध्यक्ष महंत भी दे चुके हैं संयुक्त राष्ट्रसंघ में भाषण..तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिया था मौका..न्यूयार्क असेंबली को किया था संबोधित..अब बदल गई है परिपाटी

बिगुल
रायपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरीका यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्रसंघ में दिए अपने भाषण के बाद भले ही देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि छत्तीसगढ़ से यह सौभाग्य विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत को भी हासिल हो चुका है.


तस्वीर गवाह है कि डॉ.महंत छत्तीसगढ़ के पहले ऐसा नेता हैं जिन्हें यह सौभाग्य हासिल हो चुका है. विधानसभा अध्यक्ष महंत ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि तब वे लोकसभा सांसद के रूप में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. डॉ.महंत उस प्रतिनिधिमण्डल का हिस्सा बने थे जिसमें लगभग एक दर्जन सांसद अमरीका के न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्रसंघ की यात्रा पर थे. इसमें भाजपा के लोकसभा सांसद तथा वर्तमान के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल थे.

डॉ. महंत ने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने जब उन्हें संयुक्त राष्ट्रसंघ में भारत की ओर से भाषण देने का आफर दिया तो वे सहर्ष तैयार हो गए थे. जिस देश में 500 से ज्यादा सांसद हों, वहां अकेले उन्हें इसके लिए चुना जाना बेहद खुशी का क्षण था लेकिन जिम्मेदारी भी बड़ी थी इसलिए उन्होंने कई घण्टों की मेहनत के बाद अपना पेपर तैयार किया जिसे जल्द ही स्वीकृति भी मिल गई.

महंत ने निभाई थी बड़ी जिम्मेदारी
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और लोकसभा सांसद रह चुके डॉ.चरणदास महंत ने 14 अक्टूबर 2010 को संयुक्त राष्ट्रसंघ की 65वीं जनरल असेम्बली को संबोधित करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्श और सिद्धांतों को सामने रखते हुए देश के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों, शांति और सदभाव की साझा विरासत का जिक्र किया था. यह उनके जीवन का ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण था जिसे उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया. हाल ही में अमेरीका यात्रा से लौटा पीएम मोदी ने भी संयुक्त राष्ट्रसंघ में भाषण दिया तो देश में उसकी प्रशंसा हो रही है.

पहले सांसद बोलते थे, अब नौकरशाह
हालांकि संयुक्त राष्ट्रसंघ में भाषण देने की परिपार्टी सालों तक यह रही कि देश के चुने हुए सांसद ही इस मंच से देश की ओर से दुनिया को संदेश दिया करते थे. कांग्रेसी प्रधानमंत्री तो विपक्ष के नेता को भी यह मौका दिया करते थे जैसे कि
स्व.अटलबिहारी बाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्रसंघ की जनरल असेंबली को संबोधित किया था तब देश में उस वक्त के प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी हुआ करते थे. कई सालों तक चुने हुए सांसद ही संयुक्त राष्ट्रसंघ में भारत की ओर से वक्तव्य देते आते थे लेकिन मोदी सरकार में यह परिपाटी बदल गई है. हाल ही में संयुक्त राष्ट्रसंघ में मोदी सरकार ने एक ब्यूरोक्रेटस, आइएफएस अफसर स्नेहा दुबे को मौका दिया जो काफी चर्चा में बना हुआ है.

महंत सीएम बनेंगे या पीएम
बहरहाल एक बात और जो स्पष्ट हो रही है, वह यह कि संयुक्त राष्ट्रसंघ में भाषण देने वाले या तो पीएम बन रहे हैं या सीएम, लेकिन डॉ.चरणदास महंत की किस्मत में क्या लिखा है, यह तो समय के गर्त में छुपा है. जानते चलें कि डॉ.महंत कांग्रेस में ऐसे नेता के तौर पर स्थापित हैं जिन्होंने केन्द्र और प्रदेश दोनों की राजनीति की है. वे  1980 में पहली बार विधायक चुने गए. वे दिग्विजय सरकार में अविभाजित मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भी रहे. फिर लोकसभा सांसद चुने गए और मनमोहन सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री बनाए गए. और अब विधानसभा अध्यक्ष हैं. तस्वीर स्पष्ट है कि फिलहाल कांग्रेस में उनके कद का कोई नेता नही है. देश की लो​कप्रिय पत्रिका इंडिया टुडे' ने विधानसभा चुनाव के ठीक पहले एक राष्ट्रीय सर्वे निकाला था जिसमें छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए जो चेहरे सबसे ज्यादा लोकप्रिय माने गए थे, उसमें डॉ.चरणदास महंत भी थे.