ब्रेकिंग : जितिन प्रसाद और एके शर्मा बन सकते हैं मंत्री.. यूपी मंत्रिमंडल में विस्तार तय..जानिए क्या है बीजेपी का मास्टर प्लान..आयोग के अध्यक्षों समेत सौ से ज्यादा पद खाली, अब भरे जाएंगे

ब्रेकिंग : जितिन प्रसाद और एके शर्मा बन सकते हैं मंत्री.. यूपी मंत्रिमंडल में विस्तार तय..जानिए क्या है बीजेपी का मास्टर प्लान..आयोग के अध्यक्षों समेत सौ से ज्यादा पद खाली, अब भरे जाएंगे

बिगुल..
यूपी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहत से पहले योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार होने का रास्ता साफ लगता है. बीते दो दिनों से दिल्ली में चल रही यूपी की राजनीति से साफ हो गया है कि मंत्रिमंडल में विस्तार होगा. सरकार में खाली पद नये चेहरों से भरे जाएंगे. इस कड़ी में कांग्रेस से बीजेपी में आये जितिन प्रसाद को भी मंत्रिपद की शपथ दिलाई जा सकती है.


इधर, सूत्रों के हवाले से जो खबर मिल रही है, उसकी मानें तो कांग्रेस से बीजेपी खेमे में आये कद्दावर नेता जितिन प्रसाद को यूपी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. इसका पहला कारण तो यह है कि, यूपी में बीजेपी के पास कोई बड़ा ब्राह्मण चेहरा नहीं है, दूसरी वजह है कि अगले महीने यानी जुलाई में यूपी में एमएलसी चुनाव होना है. ऐसे में जितिन प्रसाद बीजेपी के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं.

गौरतलब है कि लंबे समय से यूपी में मंत्रि मंडल विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन बीते दो दिनों में जिस तरह से घटनाक्रम बदला है उससे साफ है कि बीजेपी आलाकमान यूपी को लेकर कोई खास योजना बना चुका है. एक तो जितिन प्रसाद के रुप में बीजेपी की ब्राह्मण चेहरे की तलाश पूरी हो गई है. दूसरा पीएम मोदी के करीबी एके शर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. बीते कई दिनों से एके शर्मा यूपी की राजनीति में काफी सक्रिय भी दिख रहे हैं.

यूपी पंचायत चुनाव में मिली करारी हार से बीजेपी चौकन्ना हो गई है. वो किसी कीमत पर यूपी को गंवाना नहीं चाहती. ऐसे में अभी से रणनीति बनाने में पार्टी जुड़ गई है. इसको लेकर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार बैठक कर रहे है. उन्होंने अपना दल की अनुप्रिया पटेल और निषाद पार्टी के मुखिया डॉ. संजय निषाद के साथ बैठक की है. अमित शाह ने यह संकेत भी दिया कि यूपी में बीजेपी गठबंधन को सहेज कर चलेगी.

बता दें, यूपी में अल्पसंख्यक आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्षों समेत सौ से ज्यादा पद खाली हैं. चार एमएलसी की सीटें भी खाली हो रही हैं. ऐसे में यूपी मंत्रिमंडल में नये चेहरों को शामिल करने का रास्ता साफ नजर आ रहा है. इसके अलावा अब विधानसभा चुनाव में भी ज्यादा समय नहीं बचा है. ऐसे में यूपी चुनावी चैयारियों को नई धार देने के लिए बीजेपी कोई कोर कसर नहीं चोडना चाहती.

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