खुलासा : नकली पनीर का बड़ा कारोबार..7 से 8 टन का नकली पनीर खप रहा है दुकानों में..खाद्य विभाग आंखें मूदें पड़ा..ग्राहक खरीदते वक्त सतर्क रहें..ऐसे जांचिए नकली पनीर को

खुलासा : नकली पनीर का बड़ा कारोबार..7 से 8 टन का नकली पनीर खप रहा है दुकानों में..खाद्य विभाग आंखें मूदें पड़ा..ग्राहक खरीदते वक्त सतर्क रहें..ऐसे जांचिए नकली पनीर को

बिगुल
रायपुर. राजधानी सहित पूरे छत्तीसगढ़ में नकली पनीर का कारोबार धड़ल्ले से जोरों पर जारी है. उपभोक्ता इन्हें लेकर खाने को मजबूर है क्योंकि उसका विश्वास उठ चुका है. नकली पनीर का कारोबार प्रतिदिन 7 से 8 टन का है जबकि त्यौहारों के मौसम में यह 40 टन तक हो जाता है. इस खबर के अंत में जानिए कि नकली पनीर की पहचान कैसे करें!

बहरहाल राजधानी रायपुर में करीबन 2000 दुकानों में पनीर की खपत होती है. लोग इनका इस्तेमाल दुकानों में जहां मिठाईयां बनाने में करते हैं, वहीं आम आदमी घरेलू इस्तेमाल के लिए पनीर खरीदता है जोकि 300 रूपये किलो तक मिलता है. पनीर जल्दी तैयार करने के लिए तथा अधिक से अधिक उत्पादन के लिये इसमें खासी मिलावट की जाती है. मिलावट का बड़ा मार्केट मुरैना, ग्वालियर, धौलपुर, भोपाल माना जाता है जहां तैयार नकली पनीर छत्तीसगढ़ में खपाया जाता है. हालांकि कई दुकानों में पनीर लेने के बाद लैब रिपोर्ट अवश्य ली जा रही है ताकि नकली पनीर बेचने से बच सकें लेकिन अधिकतर बड़ी दुकानों में पनीर नकली ही मिल रहा है जबकि खाद्य विभाग इसीलिए चुप्पी साधे है क्योंकि उसे ग्राहक की तरफ से कोई शिकायत नही मिलती.

हालांकि खादय विभाग का तर्क सिर्फ ​अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने जैसा है क्योंकि उसका कर्तव्य है कि वह खुद जाकर पनीर की जांच करे और नकली पनीर विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करे. त्यौहारों के मौसम में अभियान चलाकर नकली पनीर और खोवा पकडा जाता है लेकिन उसके बाद इतिश्री कर ली जाती है. जल्द ही हम उन कंपनियों और दुकानों का खुलासा करेंगे जिनके यहां पाए गए खादय पदार्थों की गुणवत्ता कमजोर है या मिलावटी है.

सूत्रों ने बताया कि रायपुर में प्रतिदिन 7 से 8 टन पनीर का विक्रय होता है, इसमें से  80 प्रतिशत तक नकली पनीर ही होता है जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है. फिलहाल दुकानदारों को पनीर 180 रूपये किलो में तथा लैब रिपोर्ट के साथ 210 रूपये में मिल रहा है जो उपभोक्ताओं को 270 से 300 रूपये किलो तक में बेचा जाता है.

पाम आइल और वेजीटेबल आइल रिफाइण्ड की मिलावट

नकली पनीर बनाने वाले दलाल दूध को फटने के बाद इसमें पाम आइल और वेजीटेबल आइल रिफाइण्ड की मिलावट कर देते हैं जिससे उसमें चिकनाहट आ जाती है. इसके अलावा सफेदी के लिए रंग भी मिलाते हैं. इससे पनीर खाने में मुलायम हो जाता है और चिकनाहट भी लगती है. नकली पनीर बेचने पर अधिकतम 50 से 70 रूपये किलो तक फायदा अकेले निर्माता को है जबकि दुकानदार का मुनाफा अलग से 50 से 70 रूपये तक जाता है.  

नार्मस क्या हैं पनीर बनाने के
भाठागांव स्थित डेयरी के संचालक ने बताया कि पैक पनीर में 2.5 फैट उपर होना चाहिए. पनीर बनाने के लिए पहले दूध से क्रीम निकालते हैं, फिर आइल मिलाते हैं, फिर पाम आइल मिलाते हैं दिग्गज कंपनियां. उसके बाद माल सप्लाई करते हैं. कुछ लोग निरमा का भी इस्तेमाल करते हैं. आश्चर्यजनक तथ्य यह सामने आए हैं कि जितनी भी दूध कंपनियों के राज्य में प्लांच संचालित हैं, सबने पनीर बनाने का यही फण्डा अपना रखा है.

कैसे चेक करें नकली पनीर : ग्वाला फूड एण्ड स्वीटस के संचालक विनय भार्गव बताते हैं कि कस्टमर को अवेयरनेस रखनी चाहिए. अगर वह किसी दुकान से पनीर खरीद रहा है तो बीच बीच में उसे पनीर की गुणवत्ता देखते रहना चाहिए ताकि आप नकली पनीर खाने से बच सकें. विनयजी ने बताया कि अगर आपके घर में माइक्रोवेव ओपन है, या गैस चूल्हा है तो उसमें पनीर का टुकड़ा काटकर रख दें. उसे 30 सेकण्ड के लिए छोड़ दें और माइक्रोवेव चालू कर दें. कुछ समय बाद पनीर से आइल निकलना चालू हो जाएगा. आप चाहें तो तीखी धूप में भी एक पनीर का टुकड़ा काटकर रख दें और एक मिनट के बाद देखेंगे कि पनीर आइल छोड़ना चालू कर देगा. आप चाहें तो टेस्ट के लिए बल्ब, बर्नर गैस के पास खुला रख सकते हैं.

हम शुद्ध घी और पनीर बेचते हैं : ग्वाला फूड एण्ड स्वीटस के संचालक विनय भार्गव का दावा है कि उनके यहां शुद्ध पनीर मिलता है. दूध, मिठाईयां और अन्य खाद्य सामग्री में भी उच्च क्वालिटी का दावा किया गया है. विनयजी का दावा है कि उनके यहां से पनीर लेने के पहले कोई भी उनका क्वालिटी प्रमाण पत्र देख सकता है. वे भी जब किसी फर्म से पनीर खरीदते हैं तो क्वालिटी सार्टिफिकेट अवश्य लेते हैं.