ब्रेकिंग : पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती की पीएम मोदी को सलाह..मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी को बख्श दें..डॉ.नायक, मंत्री कवासी लखमा, रमनसिंह, विनोद तिवारी, गौरी श्रीवास ने किया स्वागत

ब्रेकिंग : पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती की पीएम मोदी को सलाह..मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी को बख्श दें..डॉ.नायक, मंत्री कवासी लखमा, रमनसिंह, विनोद तिवारी, गौरी श्रीवास ने किया स्वागत

बिगुल
रायपुर. पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि विश्व की समस्या का समाधान सिर्फ भारत के पास है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल की समीक्षा करने का यह सही समय नही है लेकिन वे जिस तरह मनन, मिलन, मर्दन कर रहे हैं, वह समय अनुकूल है लेकिन भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी को बख्श दें.


स्वामी निश्चलानंद सरस्वती आज बालाजी हास्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. देवेन्द्र नायक के निवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे. उन्होंने हिन्दु मस्लिम क्लेश पर कहा कि गीता में जो कहा गया है, उसका पालन करना चाहिए. हम जैसा व्यवहार दूसरों से अपेक्षित करते हैं, वैसा ही हमें दूसरे के साथ करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हिन्दु किसी से नही डरता. इस देश में जो भी रह रहे हैं, सभी के पूर्वज सनातनी ही थे.

स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने आगे कहा कि नुपुर शर्मा ने मोहम्मद पर जो टिप्पणी की, वह गलत नही है लेकिन सार्वजनिक तौर पर बोलते समय सबके हित के अनुरूप ही बोलना चाहिए. शिरडी के सांई बाबा विवाद पर उन्होंने कहा कि सभी को अपने अनुरूप किसी को भी पूजने का अधिकार है लेकिन जब मंदिर में बिठाने की बात होगी तो सबके हित को देखा जाएगा. उन्होंने कहा कि सांई बाबा को लेकर स्वरूपानंद सरस्वती ने जो कहा था, उससे मैं सहमत हूं. जानते चलें कि स्वरूपानंद सरस्वती जी ने कहा था कि सांई बाबा मुस्लिम थे इसलिए हिन्दुओं को उन्हें देवता के रूप में नही पूजना चाहिए.

विश्व हिन्दु परिषद ने काशी और मथुरा की मांग भी कर डाली है, क्या आप इससे सहमत हैं, इस सवाल पर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने इशारों ही इशारों में कहा कि मैं तो इससे भी आगे कहता आया हूं कि साढ़े तीन हजार किलोमीटर दूर मक्का मदीना भी शिवालय है, वह भी हिन्दुओं का होना चाहिए. स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से जब यह पूछा गया कि आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा है कि हर मस्जिद में शिवालय ना देखें तो इसके जवाब में निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि भागवत को अपने हिन्दुत्व भाव को फिर से जगाना चाहिए.

इसके पूर्व बालाजी हास्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. देवेन्द्र नायक और उनकी धर्मपत्नी ने स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का स्वागत और सम्मान किया. इस दौरान आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी, भाजपा नेता राजीव अग्रवाल, संपत अग्रवाल, शिवजलम दुबे इत्यादि लोग उपस्थित थे.