50 भाजपा नेता टीएमसी में वापस लौटे..इसके पहले सभी नेताओं ने दिया धरना..टीएमसी में वापसी करना चाहते हैं कई नेता..भारत की यह पहली घटना!

50 भाजपा नेता टीएमसी में वापस लौटे..इसके पहले सभी नेताओं ने दिया धरना..टीएमसी में वापसी करना चाहते हैं कई नेता..भारत की यह पहली घटना!

बीजेपी के ऐसे नेता जो विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी को छोड़कर पार्टी में आए थे, उनके बीच घर वापसी की होड़ लग गई है। बीरभूमि के इल्लम बाज़ार इलाक़े में बीजेपी कार्यकर्ता सोमवार को टीएमसी के दफ़्तर के बाहर धरने पर बैठ गए और उन्हें पार्टी में वापस लेने की मांग की। इन सभी नेता और कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लिए हुए थे और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से उन्हें पार्टी में वापस लिए जाने की गुहार लगा रहे थे।

ऐसी घटना शायद आज़ाद भारत की राजनीति के इतिहास में पहली बार हुई है। हालांकि इन लोगों का संघर्ष कामयाब हुआ और धरना देने के बाद 50 बीजेपी कार्यकर्ताओं को टीएमसी में वापस शामिल कर लिया गया।
धरना देने वाले इन कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्हें टीएमसी छोड़कर बीजेपी में जाने का पछतावा है और वे मां, माटी, मानुष की सेवा करने के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करना चाहते हैं। बीजेपी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसे आला ओहदे पर रहे मुकुल राय के लौटने के बाद अब चुनाव से ठीक पहले पाला बदलने वाले कई नेता टीएमसी में वापसी चाहते हैं लेकिन ममता बनर्जी ने साफ कह दिया है कि जिसने पार्टी से गद्दारी की है, उसे वापस नहीं लिया जाएगा।

बीरभूमि जिले के बीजेपी के एक नेता ने बातचीत में इसके लिए चुनाव के बाद हुई हिंसा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं के पास टीएमसी में वापस जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि चुनाव नतीजों के बाद से ही टीएमसी के नेता उन पर जुल्म ढा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच जबरदस्त चुनावी घमासान हुआ था और 200 सीट जीतने का दावा करने वाली बीजेपी 80 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी थी जबकि ममता बनर्जी की क़यादत में टीएमसी को बड़ी जीत हासिल हुई थी।

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