आइएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष ने टिवट डिलीट करने को कहा तो उन्हें भी आड़े हाथ लिया युवा आइएएस ने..अपने कलेक्टर को कहा, 'आप कमजोर कलेक्टर हैं..फिर मेरा तबादला कर मुझे सचिवालय फेंक दिया गया..जानिए पूरा विवाद!

आइएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष ने टिवट डिलीट करने को कहा तो उन्हें भी आड़े हाथ लिया युवा आइएएस ने..अपने कलेक्टर को कहा, 'आप कमजोर कलेक्टर हैं..फिर मेरा तबादला कर मुझे सचिवालय फेंक दिया गया..जानिए पूरा विवाद!

अनिल द्विवेदी

भोपाल. भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक युवा अधिकारी 2014 बैच के आईएएस अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने एक निजी मैसेजिंग ग्रुप में राज्य के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।

2014 बैच के आईएएस अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ को पहले से ही राज्य सरकार के आरोपों पर नोटिस का सामना करना पड़ रहा है. और वह यह कि उन्होंने एक चैट ग्रुप में आईएएस अधिकारियों के निजी समूह में पोस्ट किया था और उनके पोस्ट ग्रुप से लीक हो गए थे।

उधर शुक्रवार को मध्य प्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी को लिखे पत्र में श्री जांगिड़ ने कहा कि उन्हें गुरुवार रात 11.50 बजे एक अज्ञात व्यक्ति से मैसेजिंग ऐप सिग्नल पर कॉल आया। आईएएस अधिकारी ने कहा कि अज्ञात फोन करने वाले ने उन्हें मीडिया से बात करने पर धमकी दी और कहा कि अगर उन्हें अपनी और बेटे की जान की परवाह है तो वे छह महीने की छुट्टी पर चले जाएं।

जांगिड़ ने मीडिया को बताया, "कॉल करने वाले ने मुझसे मीडिया से बात करना बंद करने को कहा, नहीं तो मुझे और मेरे परिवार को खतरा होगा।" उन्होंने सुरक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को पत्र लिखा है.

दूसरी ओर आइएएस जांगिड़ ने अब सारी बातचीत को सोशल मीडिया में वायरल कर दिया है. उनकी पोस्ट पढ़कर लगता है कि जांगिड़ ने आइएएस एसोसिएशन से न्याय की गुहार लगाई थी लेकिन वहां भी सुनवाई नही हुई उल्टा जांगिड़ को ही आड़े हाथ ले लिया. एक टिवट में वे लिखते हैं, 'मैं जानता हूं आप आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष है और आपके पास पूर्ण शक्तियां निहित है। शुभकामनाएं।” इसके बाद मुझे ग्रुप से हटा दिया गया।

आइएएस जांगिड़ यहीं नही रूकते. उन्होंने फिर एक टिवट करते हुए कहा कि आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष आईपीसी केसरी ने लिखा “लोकेश सवाल भय होने ना होने का नहीं है। तुमने न केवल अपने कलीग पर आरोप लगाया है बल्कि उनके परिवार पर भी। आप सारी पोस्ट डिलीट कर दो और आगे से ऐसा कुछ मत लिखना।” इस पर मैनें जवाब दिया “मैं डिलीट नहीं करूंगा।

लगातार टिवटर करते हुए आइएएस जांगिड़ ने अपना दर्द बताया. शहडोल में एसडीएम रहते हुए भी मेरे साथ यही सलूक किया गया था। मैंने तत्कालीन कलेक्टर शहडोल नरेश पाल से कहा था कि आप कमजोर कलेक्टर हैं और इस बात पर मेरा तबादला कर मुझे सचिवालय फेंक दिया गया।”

वे लिखते हैं कि मैंने इसमें क्या गलत लिखा कि जो अफसर फील्ड में सारे प्रकार के माफियाओं से पैसा उगाही करते हैं। उन्हें ट्रांसफर भी किया जाता है तो एक फील्ड से दूसरी फील्ड में पोस्टिंग दी जाती है और ईमानदारी व कर्तव्य निष्ठा संदेह से परे कार्य करने वाले जो अफसर हैं उन्हें सचिवालय में फेंक दिया जाता है।”

जांगिड़ आगे लिखते हैं— मुझे व मेरे बेटे को जान से मारने की धमकी दी हैं, गुरुवार रात को फोन किया और कहा कि मैनें बहुत शक्तिशाली लोगों पर आरोप लगाकर अपनी जान जोखिम में डाल दी है. मैनें म. प्र. राज्य के पुलिस महानिदेशक(डीजीपी) को अनजान व्यक्ति द्वारा धमकी मिलने की बात को ईमेल द्वारा अवगत करा दिया है,

भोपाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। श्री जांगिड़ ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपने गृह राज्य महाराष्ट्र में तीन साल की प्रतिनियुक्ति की मांग भी की है। उन्होंने संकेत दिया कि भ्रष्टाचार को सहन करने में असमर्थता के कारण उनका बार-बार तबादला किया जा रहा था। साढ़े चार साल में उनका नौ बार तबादला हो चुका है।

दूसरी ओर राज्य सरकार ने कथित "अनुशासनहीनता" के लिए आईएएस अधिकारी को नोटिस जारी किया और एक सप्ताह के भीतर उनका जवाब मांगा। मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने नोटिस की पुष्टि करते हुए कहा कि तबादला और तैनाती नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है।

बताया जाता है कि आइएएस जांगिड़ ने आकसीजन कन्सन्ट्रेटर की खरीद में हुए भ्रष्टाचार का जब से खुलासा किया है, तब से सरकार उन्हें प्रताड़ित कर रही है. कुछ आइएएस अफसर भी उनके पीछे पड़े हुए हैं.