ब्रेकिंग : युध्दवीर सिंह जूदेव का पार्थिव शरीर अग्नि को सुपुर्द..भाई प्रबल जूदेव और बृजमोहन अग्रवाल ने दिया कांधा..सांसद गोमती साय और विष्णुदेव साय भी मौजूद रहे

ब्रेकिंग : युध्दवीर सिंह जूदेव का पार्थिव शरीर अग्नि को सुपुर्द..भाई प्रबल जूदेव और बृजमोहन अग्रवाल ने दिया कांधा..सांसद गोमती साय और विष्णुदेव साय भी मौजूद रहे

बिगुल
जशपुर. पूर्व विधायक व बीजेपी नेता स्व.युध्दवीर सिंह जूदेव का पार्थिव शरीर आज अग्नि के सुपुर्द कर दिया गया. अपने युवा नेता को अंतिम ​बिदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा. भाजपा नेताओं सहित उनके समर्थकों, रिश्तेदारों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. इस युवा राजनेता की मौत पर मानो बादल भी रो रहे हों इसलिए हल्की बारिश भी हुई. पत्नी संयोगिता को सांसद गोमती साय और राजमाता संभालते दिखीं.


पूर्व विधायक व बीजेपी नेता स्व.युध्दवीर सिंह जूदेव की अंतिम यात्रा आज जशपुर के विजय विहार पैलेस से निकाली गई, जहां उनके परिवार व भाई प्रबल प्रताप सिंह जूदेव समेत पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कांधा दिया। पत्नी संयोगिता सिंह जूदेव ने अपने पति को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि देकर अंतिम विदाई दी. नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक, भाजपा के प्रदेश मंत्री ओ पी चौधरी, भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने भी श्रीजूदेव को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किए तथा अंतिम यात्रा में शामिल थे.

जशपुर के हर घर की महिलाओं ने अपने घरों से बाहर निकलकर नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। जशपुर समेत प्रदेश के दिग्गज नेताओं के साथ हजारों समर्थकों व जनसमूह ने जय जूदेव के नारों से अपने चहेते युद्धवीर को विदा किया। सड़क के दोनों ओर जशपुर की आवाम अपने नेता को अंतिम विदाई दे रही थी। शहर की सड़कें पूरी तरह भरी हुई थी कोई आंसू बहा रहा था तो कोई पुष्प अर्पित कर रहा था। लोग जय जूदेव के नारे लगाते नहीं थक रहे थे।



अंतिम यात्रा के दौरान पूरे रास्ते में कुछ था तो बस युध्दवीर के प्रति अपनत्व का भाव। अपने चहेते को इतनी कम उम्र में विदा करते हर किसी की आंखें नम थीं। छत्तीसगढ़ के मंत्री अमरजीत भगत, विधायक विनय भगत व संसदीय सचिव यूडी मिंज ने युध्दवीर के निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए इसे अपूर्णीय क्षति बताया है।

अंतिम यात्रा के दौरान युध्दवीर के पार्थिव शरीर के साथ पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल पूरे रास्ते साथ रहे। प्रदेश के दिग्गज मंत्री, बीजेपी के कार्यकर्ता व समर्थकों के साथ समूचा जशपुर इस अंतिम यात्रा में शामिल हुआ.