ब्रेकिंग : गुनरस पिया की 83वीं जयंती पर दो दिवसीय "गुनरस पिया संगीत समारोह का शुभारंभ...कलाकारों ने सुर साधना कर दी श्रद्धांजलि..पद्मश्री दाबके..गिरीश दुबे..दीपक व्यास उपस्थित रहे

ब्रेकिंग : गुनरस पिया की 83वीं जयंती पर दो दिवसीय

बिगुल 

रायपुर. अंचल के सुप्रसिद्ध  संगीत महर्षि पंडित व्यास (गुनरस पिया) की 83वीं जयंती पर दो दिवसिय "गुनरस पिया संगीत समारोह-2022 का आयोजन वृंदावन सभागार में किया गया। 

कार्यक्रम वृन्दावन हॉल में दोपहर 3 बजे से हुआ। दूरदर्शन के कार्यक्रम प्रभारी श्री पी के श्रीवास्तव जी,पद्मश्री डॉ ए टी दाबके जी, डॉ सुप्रिया भारतीयन जी एवं आर जे अनिमेष शुक्ला जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। डॉ दाबके जी ने चिकित्सकीय विश्लेषणों से वॉइस कल्चर विषय पर प्रकाश डाला। वॉइस जॉकी श्री अनिमेष शुक्ला जी ने मंच संचालन, रेडियो व टीवी शो के लिए किन बातों पर ध्यान रखना चाहिए इस विषय पर जानकारियां साझा कीं।

द्वितीय सत्र में साहित्यकार पंडित अमरनाथ त्यागी जी, श्री अम्बर शुक्ला जी एवं प्रदेश युवक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गिरीश दुबे जी ने दीप प्रज्ज्वलन कर की। श्री गिरीश दुबे जी ने संस्था के आयोजन और शास्त्रीय संगीत के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। प्रसिद्ध संगीत महर्षि पंडित व्यास(गुनरस पिया) जी द्वारा रचित बंदिशों-

1-राग-हंसध्वनि पर आधारित सरस्वती स्तुति-सरस सुर दे हे माते,मोहे ज्ञान दे विज्ञान दे,

2 राग-जंसम्मोहिनी- जानूँ जानूँ मैं जानूँ तोरे ये ढंग,,

3-राग कलावती-जारे जारे जारे भंवरा,

5- राग कलावती पर आधारित तराना-तान देरे ना तना तना,

6 राग-जोग का चतुरंग-दिर दिर तनन तन देर ना, देर ना,,

की सुमधुर प्रस्तुति दी-श्रीमती सुकन्या मधुसूदन, एम सुधा, वंदना मुखी,सीमा नैयर एवं श्रीदेवी ने दी।

श्री निर्झर चांडक ने गुनरस पिया जी द्वारा रचित राग मालकौंस पर आधारित बंदिश-दीनन दुःख हरन देते की प्रस्तुति।


श्रीमती संगीता व्यास ने गीत-1,बोलो पंछी क्यूँ भर लाए इन नयनों में पानी,

2, संकेत तारों ने किया दिन ढल गया,

श्रीमती रचना चांडक ने-सुमिरन कर ले मेरे मना,

श्री संजय कश्यप ने-सांवरा म्हारी प्रीत निभा जो जी,

अनंदिता गुहा नियोगी ने बंगाली गीत-तुमि की आमार प्राण,,

सुमिता कुण्डू ने बंगाली गीत-आर किछु चाइ ना गो,

दिव्यांश व्यास, कावेरी व्यास,दिव्या ठाकुर एवं क्षितिजा कश्यप ने समवेत स्वरों में-राज गीत-अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार,तबले पर श्री सुनील गोल्हानी,श्री नारायण कश्यप,श्री बी शरत ने एवं हारमोनियम पर श्री लालाराम लोनिया जी व श्री दीपक व्यास ने संगत की। इस अवसर पर श्री कौशल महंत जी द्वारा गुनरस पिया जी पर केंद्रित एक गीत-वाग्देवी के वरद पुत्र संगीत शास्त्र के ज्ञाता थे,को श्री दीपक व्यास ने संगीतबद्ध कर प्रस्तुत किया।